26 नवंबर 1949 को लागू 16 अनुच्छेद-
अनुच्छेद 394- स्वयं व अनुच्छेद 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 379, 380, 388, 391, 392, 393 तुरंत लागू व शेष अनुच्छेद 26 जनवरी 1950 को लागू होंगे|
अनुच्छेद 5- संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता
अनुच्छेद 6- पाकिस्तान से भारत को प्रवजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
अनुच्छेद 7- पाकिस्तान को प्रवजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
अनुच्छेद 8- भारत के बाहर रहने वाले भारतीय उद्भव के कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार
अनुच्छेद 9- विदेशी राज्य की नागरिकता स्वेच्छा से अर्जित करने वाले व्यक्तियों का नागरिक न होना
अनुच्छेद 60- राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
अनुच्छेद 324- निर्वाचनों के अधीक्षण,निर्देशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना
अनुच्छेद 366- परिभाषाएं
अनुच्छेद 367- निर्वचन (संविधान के निर्वचन के प्रावधान)
अनुच्छेद 379- तदर्थ संसद (Provisional Parliament)
अनुच्छेद 380- प्रथम राष्ट्रपति के निर्वाचन के संबंध में प्रावधान
अनुच्छेद 388- आकस्मिक रिक्तियों को भरना
अनुच्छेद 391- कुछ परिस्थितियों में अनुसूचियों में संशोधन की राष्ट्रपति की शक्ति
अनुच्छेद 392- कठिनाईयों को दूर करने की राष्ट्रपति की शक्ति
अनुच्छेद 393- संक्षिप्त नाम- इस संविधान का संक्षिप्त नाम “भारत का संविधान” है|
नोट-
अनुच्छेद 379 से अनुच्छेद 392 तक अस्थायी व संक्रमणकारी उपबंधो का प्रावधान था|
अनुच्छेद 379 से 391 तक को 7वें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 की धारा 29 द्वारा निरसित (हटा) कर दिया गया है|
इस तरह ये 16 अनुच्छेद नागरिकता, राष्ट्रपति की शपथ, निर्वाचन, तदर्थ संसद, अस्थायी व संक्रमणकारी उपबंधो, भारत के संविधान का संक्षिप्त नाम आदि से संबंधित थे|

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