अनुच्छेद- 6 पाकिस्तान से भारत को प्रवजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकार-
अनुच्छेद 5 में किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति जिसने ऐसे राज्य क्षेत्र से जो इस समय पाकिस्तान के अंतर्गत है, भारत के राज्य क्षेत्र को प्रवजन किया है, इस संविधान के प्रारंभ पर भारत का नागरिक समझा जाएगा-
यदि वह अथवा उसके माता या पिता में से कोई अथवा उसके पितामह या पितामही या मातामह या मातामही में से कोई भारत शासन अधिनियम 1935 में परिभाषित भारत में जन्मा था, और
(i) जबकि वह व्यक्ति ऐसा है, जिसने 19 जुलाई 1948 से पहले इस प्रकार प्रवजन किया है तब यदि वह अपने प्रवजन की तारीख से भारत के राज्य क्षेत्र में मामूली तौर से निवासी रहा है, या
(ii) जबकि वह व्यक्ति ऐसा है, जिसने 19 जुलाई 1948 को या उसके पश्चात इस प्रकार प्रवजन किया है तब यदि वह नागरिकता प्राप्ति के लिए भारत डोमिनियन की सरकार द्वारा विहित प्रारूप में और रीति से उसके द्वारा संविधान के प्रारंभ से पहले ऐसे अधिकारी को, जिसे उस सरकार ने प्रयोजन के लिए नियुक्त किया है, आवेदन किए जाने पर उस अधिकारी द्वारा भारत का नागरिक रजिस्ट्रीकृत कर लिया गया है:
परंतु यदि कोई व्यक्ति अपने आवेदन की तारीख से ठीक पहले कम से कम 6 मास भारत के राज्यक्षेत्र में निवासी नहीं रहा है तो वह इस प्रकार रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जाएगा|
व्याख्या-
अनुच्छेद 6 संविधान प्रारंभ पर पाकिस्तान से भारत आने वाले व्यक्तियों के लिए नागरिकता के प्रावधान करता है|
ऐसा व्यक्ति जिसका स्वयं, माता या पिता में कोई, दादा या दादी या नाना या नानी में कोई का अविभाजित भारत (भारत शासन अधिनियम 1935 में परिभाषित भारत) में जन्म हुआ हो, दो शर्तों पर भारत का नागरिक बन सकता है-
यदि वह 19 जुलाई 1948 से पहले भारत आया था तथा आने की तारीख से भारत के राज्यक्षेत्र में मामूली तौर से निवासी रहा है तो संविधान के प्रारंभ पर भारत का नागरिक समझा जाएगा|
यदि वह 19 जुलाई 1948 को या इसके बाद भारत आया हो व नागरिकता प्राप्ति के लिए पंजीकरण करा लिया हो तथा सम्बंधित अधिकारी द्वारा भारत का नागरिक पंजीकृत कर लिया हो, तो भारत का नागरिक समझा जाएगा|
लेकिन पंजीकरण आवेदन के लिए कम से कम 6 माह तक (पंजीकरण आवेदन से पहले) भारत में निवास आवश्यक है, नहीं तो पंजीकृत नहीं किया जायेगा|

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