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अनुच्छेद 5 संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता / भारत के संविधान के अनुच्छेद 5 में क्या है?

अनुच्छेद 5  संविधान के प्रारंभ पर नागरिकता- इस सविधान के प्रारंभ पर प्रत्येक व्यक्ति जिसका भारत के राज्यक्षेत्र में अधिवास है और-

  1. जो भारत के राज्य क्षेत्र में जन्मा था, या 

  2. जिसके माता या पिता में से कोई भारत के राज्य क्षेत्र में जन्मा था, या

  3. जो ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले कम से कम 5 वर्ष तक भारत के राज्य क्षेत्र में मामूली तौर से निवासी रहा है भारत का नागरिक होगा|

व्याख्या- 

  • अनुच्छेद-5 सविधान के प्रारंभ (26 जनवरी 1950) पर भारतीय नागरिकता के बारे में बताता है|

  • सविधान प्रारंभ पर एक व्यक्ति जो भारत में अधिवास करता है, निम्न में से एक शर्त पूरी करने पर भारत का नागरिक होगा-

(क) जो भारत के राज्य क्षेत्र में जन्मा था| या 

(ख) जिसके माता या पिता में से कोई भारत के राज्य क्षेत्र में जन्मा था| या

(ग) जो संविधान लागू होने से ठीक पहले कम से कम 5 वर्ष तक भारत के राज्य क्षेत्र में मामूली तौर पर निवासी रहा है| 


Note- अधिवास शब्द को संविधान में परिभाषित नहीं किया गया है| मोहम्मद रजा बनाम बॉम्बे राज्य वाद 1966 में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया कि “स्थाई आवास तथा वहां अनिश्चितकाल के लिए रहने का इरादा अधिवास के दो प्रमुख तत्व हैं|”


स्टेट ट्रेडिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया बनाम CTO वाद 1963-

  • पद “व्यक्ति” केवल नैसर्गिक व्यक्तियों को शामिल करता है| यह किसी विधायी व्यक्ति जैसे कम्पनी, कार्पोरेशन इत्यादि को शामिल नहीं करता| 


पृथ्वी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया वाद 1982-

  • पद “व्यक्ति” अनुच्छेद 33 के अधीन सशस्त्र बल के किसी सदस्य को भी शामिल करता हैं, परन्तु यह किसी कम्पनी या व्यक्तियों के संघ या समूह को चाहे निगमित हो या नहीं शामिल नहीं करता| 


कादर अली बनाम असम राज्य वाद 1972- (गुवाहाटी उच्च न्यायालय का मामला)

  • किसी भारतीय का 1 मार्च 1947 से 26 जनवरी 1950 की कालावधि में नौकरी के लिए पाकिस्तान में प्रवजन का आशय नौकरी करके पाकिस्तान में स्थायी रूप से बसना है| अतः अनुच्छेद 5 के अधीन नागरिकता की शर्तें पूरी करते हुए भी ऐसा व्यक्ति अनुच्छेद 7 के अर्थों के अंतर्गत भारतीय नागरिक नहीं माना जाएगा|


नगीना देवी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया 2010- (पटना उच्च न्यायालय का मामला)

  • अधिवास के आधार पर नागरिकता के लिए यह आवश्यक है कि संविधान के लागू होने के समय व्यक्ति का भारत में अधिवास रहा हो|

 

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