Ad Code

अनुच्छेद-1 संघ का नाम और राज्य क्षेत्र

    अनुच्छेद-1  संघ का नाम और राज्य क्षेत्र- 


    1. भारत अर्थात इंडिया राज्यों का संघ होगा|

    2. राज्य और उनके राज्य क्षेत्र वे होंगे जो पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट है| (7 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 द्वारा प्रतिस्थापित)

    3. भारत के राज्य क्षेत्र में–

    (क) राज्यों के राज्य क्षेत्र,

    (ख) पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट संघ राज्यक्षेत्र और, (7 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1956 द्वारा प्रतिस्थापित)

    (ग) ऐसे अन्य राज्य क्षेत्र जो अर्जित किए जाएं, समाविष्ट होंगे| 


    व्याख्या-

    अनुच्छेद- 1(1)

    • संघ का नाम- भारत अर्थात इंडिया (India, that is Bharat)

    • इसमें भारत के लिए राज्यों का संघ (Union of State) शब्द का प्रयोग किया गया है|

    • राज्यों का संघ

    • इसका अर्थ है कि भारतीय संविधान का ढांचा संघीय है|

    • लेकिन डॉ. बी.आर अंबेडकर के अनुसार संघीय राज्य (Federal) की जगह राज्यों का संघ (Union of State) शब्द के प्रयोग के दो कारण हैं-

    1. भारत, राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है, जैसे कि अमेरिकी संघ

    2. राज्यों को संघ से विभक्त होने का कोई अधिकार नहीं है|


    • डॉ. बी.आर अंबेडकर “प्रारूप समिति यह बात स्पष्ट कर देना चाहती है कि हालांकि भारत को एक परिसंघ होना था, लेकिन यह परिसंघ इसमें शामिल होने के लिए राज्यों के साथ किए गए किसी समझौते का परिणाम नहीं है, इसलिए किसी भी राज्य को इससे अलग होने का अधिकार नहीं है| यह परिसंघ वास्तव में एक संघ है, क्योंकि इसका विखंडन संभव नहीं है|”


    • उच्चतम न्यायालय ने धारित किया कि अनुच्छेद 1 उपबन्ध करता है कि भारत “राज्यों का एक संघ है” जो राज्यों के फेडरेशन को तात्पर्यित करता है|-- स्टेट ऑफ पश्चिम बंगाल बनाम कमेटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स, वाद 2010 


    • भारत अर्थात इंडिया (India, that is Bharat) शब्द संविधान में प्रयुक्त करने का विचार संविधान सभा में डॉ अंबेडकर द्वारा लाया गया, जिसे 18 सितंबर 1948 को संविधान सभा ने स्वीकार कर लिया|

    • संघीय संविधान समिति की रिपोर्ट 1947, बी एन राव के प्रारूप और प्रारूप समिति द्वारा फरवरी 1948 में प्रस्तुत प्रारूप में ‘इंडिया’ शब्द का ही प्रयोग किया गया था|


    • Note- संविधान में कहीं भी Federation शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है, बल्कि Union of State शब्द का प्रयोग किया गया है|

    • डॉ अम्बेडकर ने Federation के बजाय Union शब्द के प्रयोग को सही माना है| डॉ अम्बेडकर के शब्दो में “यूनियन शब्द का प्रयोग ही विवेकपूर्ण है..... यद्यपि देश और लोगों को प्रशासन की सुविधा के लिए विभिन्न राज्यों में बाँटा जा सकता है, लेकिन देश एक, संपूर्ण और अखंड है, इसके लोग एक हैं, जो एक ही स्रोत से प्राप्त एकल साम्राज्य के अंतर्गत रहते हैं| 

    • भारत शासन अधिनियम, 1935 में All India Federation शब्द का प्रयोग किया गया, कैबिनेट मिशन (1946) द्वारा प्रस्तावित योजना में Union शब्द प्रयोग में किया गया था| 13 दिसम्बर, 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव रखते समय पं. नेहरू ने भी Union शब्द का ही प्रयोग किया था| 

    • प्रारूप समिति ने British North American Act 1867 की उद्घोषणा में उल्लेखित Union शब्द को भारत के लिए उपयुक्त माना था|  


    अनुच्छेद- 1(2)-

    • राज्य और उनके राज्य क्षेत्र का विस्तार से वर्णन अनुसूची 1 में दिया गया है|

    • संविधान की पहली अनुसूची में राज्यों (28) एवं संघ शासित क्षेत्र (8) के नाम व उनके क्षेत्र का विस्तार से वर्णन दिया गया है|


    अनुच्छेद- 1(3)-

    • भारत के राज्य क्षेत्र निम्न शामिल होंगे-

    (क) राज्यों का राज्यक्षेत्र|

    (ख) संघ राज्यों का राज्यक्षेत्र|

    (ग) ऐसे अन्य राज्यक्षेत्र जो अर्जित किए जाएं| 


    • भारतीय संविधान अर्जित राज्य क्षेत्र के बारे में उल्लेख करता है और अर्जित राज्य क्षेत्र अर्थात जो किसी समय भारत द्वारा विधिक न्याय गमन द्वारा, संधि के द्वारा, अध्यर्पण द्वारा, युद्ध में जीत कर या स्वामित्व विहीन भूमि पर कब्जे द्वारा अर्जित किया जाए| 


    • अर्जित क्षेत्र जैसे-

    • चन्द्र नगर 1952 में फ्रांस से अधिग्रहित किया गया, जिसे 1954 में पश्चिम बंगाल में मिलाया गया| 


    • पांडिचेरी- 

    • पांडिचेरी की फ्रांसीसी बस्ती जो कराईकल, माहे और यनम सहित को 1954 में फ्रांस की सरकार द्वारा भारत को अध्यर्पित किया गया|  

    • 1962 तक उसे अर्जित राज्य क्षेत्र के रूप में प्रशासित किया गया, क्योंकि अध्यर्पण की संधि को फ्रांस की संसद द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया| 

    • अनुमोदन के पश्चात् यह राज्य क्षेत्र 16 अगस्त 1962 में संघ राज्य क्षेत्र बना| 

    • 14वे संविधान संशोधन अधिनियम 1962 द्वारा संघ राज्य क्षेत्र बना|  

    • यह संशोधन 28 दिसंबर 1962 से प्रभावी हुआ और इसे 16 अगस्त 1962 से पूर्वव्यापी (retrospective) प्रभाव दिया गया| 


    • दादर तथा नगर हवेली 1961

    • दादर नगर हवेली का राज्य क्षेत्र जो भारत में पुर्तगाल की बस्तियों का हिस्सा था, वहाँ 2 अगस्त, 1954 को जनता ने पूरे राज्य क्षेत्र को स्वतंत्र कर लिया| 

    • और भारत सरकार ने पुर्तगाल की सेना को भारत के राज्य क्षेत्र से होकर दादर नगर हवेली पर पुनः अधिकार करने की अनुमति देने से मना कर दिया| 

    • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने भी पुर्तगाल की शिकायत को अस्वीकार कर दिया| 

    • दादर नगर हवेली की स्वतंत्र वरिष्ठ पंचायत ने 12 जून, 1961 के प्रस्ताव द्वारा भारत संघ में शामिल होने की जनता की माँग दोहराई| 

    • और 11 अगस्त, 1961 से भारत ने दादर नगर हवेली का भारत संघ में विलय स्वीकार कर लिया| 

    • संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करके दादर नगर हवेली को संघ राज्य क्षेत्र के रूप में मान्यता दे दी गई| 

    • प्रथम अनुसूची के अनुसार अब दादर नगर हवेली का राज्य क्षेत्र वही है, जो 11 अगस्त, 1961 से पहले स्वतंत्र दादर नगर हवेली का था।


    • दमन-दीव- 

    • दमन-दीव पुर्तगाली औपनिवेशिक बस्तियों के भाग थे और 1961 में यह राज्यक्षेत्र भारत संघ का अभिन्न भाग बन गया| 

    • दमन-दीव संघ राज्य क्षेत्र के रूप में प्रशासित होता रहा|  

    • 2019 में दमन-दीव तथा दादरा-नगर हवेली को दो अलग-अलग संघ राज्य क्षेत्रों से एक संघ राज्य क्षेत्र के रूप में विलय कर दिया गया|


    • गोवा-

    • गोवा को पुर्तगालियों से आजाद कराने के लिए भारतीय सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा और ऑपरेशन विजय की कार्रवाई के माध्यम से 19 दिसंबर 1961 में गोवा को पुर्तगाल से मुक्त कराया गया| 

    • 1987 तक गोवा तथा दमन-दीव संघ राज्य क्षेत्र रहे| 

    • 30 मई 1987 गोवा भारतीय संघ का 25वाँ राज्य बना| 

     



    Notes available for RPSC School lecturers and UGC-Net Political Science Subject 9660895656

    Nirban Classes 📞 Call Support- 9660-895656 (Nirban P K Sir) 💬 Whatsapp- 9660-895656 (Nirban P K Sir) 👉App link-- https://play.google.com/store/apps/details?id=co.sansa.dinxk 👉Website link-- https://www.nirbanclasses.com/ 👉Telegram link-- https://t.me/nirbanclasses/

    Close Menu